थराली। उत्तराखंड में सभी किसानों की जानकारी को डिजटलीकृत कर उन्हें एक आई डी कार्ड या किसान पहचान पत्र दिया जायेगा। जिसके जरिये किसानों को कृषि,उद्यानिकी, पशुपालन और वानिकी सहित सभी सरकारी योजनाओं का सीधे लाभ दिया जायेगा। तहसील सभागार में आयोजित एग्रीस्टैक योजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री हेतु एक दिवसीय कार्यशाला में कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अश्वनी गौतम ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा डिजीटल एग्रीकल्चर मिशन लागू किया गया है जिसके अंतर्गत किसानों को फार्मर रजिस्ट्री बनाने के लिए आधार नंबर के अनुरूप एक डिजिटल आईडी दी जायेगी। इसमें किसान का विवरण, उसके पास उपलब्ध भूमि एवं बोई गई फसलों का पूरा विवरण उपलब्ध होगा। प्रशिक्षक बिपिन रतूड़ी ने कहा कि किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य ऑनलाइन वेब पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से राजस्व उपनिरीक्षकों द्वारा किया जायेगा। जिसको तहसीलदार और मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा एप्रूव किया जायेगा। जिसमें राज्य के सभी किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा। जिससे किसानों की जानकारी डिजीटल रूप में एकत्र होगी ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ प्रदान करने तथा उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।