पौड़ी में बीते साल की 6 अगस्त की आपदा को छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन विकासखंड थलीसैंण के दूरस्थ क्षेत्र थान- स्यूंसाल- मरचुला- काशीपुर- रामनगर राज्य राजमार्ग -33 की मरम्मत नहीं हो पाई। आपदा के चलते इस राज्य राजमार्ग पर 10 डाट पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई तो कई जगहों पर सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है। पौड़ी जिले के विकासखंड थलीसैंण के दूरस्थ गांवों में आज भी ग्रामीण सड़क सुविधाओं की बाट जोह रहे हैं। बीते साल 6 अगस्त को हुई बारिश व आपदा के बाद करीब 45 से 50 गांवों के लोगों को जिले से बाहर जाने के लिए टैक्सियों के मनमाने किराये चुकाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों के पत्राचार करने पर क्षेत्र के लिए दो-तीन जीएमओयू लि. की बसे सेवाएं तो हैं लेकिन वह भी ब्लॉक के आंतरिक मार्गों पर ही संचालित हो रही हैं। सड़क सुधारीकरण के लिए लोनिवि के अधिकारियों से बातचीत की गई तो बताया गया कि सड़क निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ब्रिडकुल को सौंपी गई है। निर्माणदायी संस्था ने आपदा के बाद क्षतिग्रस्त डाट पुलियाओं की जगह कामचलाऊ ह्यूम पाइप बिछाए थे वो भी अब क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।