हिमालयी महाकुंभ श्रीनंदा देवी राजजात के लिए निकला अध्ययन। दल अपने 13वें पड़ाव गैरोली पाताल पहुंचा। यह यात्रा का पहला निर्जन पड़ाव है। इससे पूर्व अपने 12वें पड़ाव वाण में अध्ययन दल ने लाटू मंदिर में पूजा-अर्चना की। अध्ययन दल के संयोजक अतुल चमोला ने बताया कि मुंदोली से वाण तक का परंपरागत नंदा राजजात मार्ग क्षतिग्रस्त है। कुलिंग गदेरे में कई वर्ष पहले बहे पैदल पुल का अभी तक निर्माण नहीं हो पाया है। वहीं श्री नंदा देवी राजजात समिति के महामंत्री भुवन नौटियाल ने बताया कि श्री नंदादेवी राजजात का ग्रामीण बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।