गुप्तकाशी के निकट पर्यटक ग्राम नारायणकोटी में 9 वर्ष बाद आयोजित पांडव नृत्य देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। समिति के अध्यक्ष दलवीर पुजारी, सचिव विजय रावत बताते हैं कि गांव में पाण्डव नृत्य की परंपरा सदियों पुरानी है। ग्रामीणों की मान्यता है कि पांडव देवताओं की कृपा से गांव सुख समृद्धि प्राप्त करता है। वहीं लोक संस्कृति से जुड़े शिक्षाविद ग्रामीण प्रदीप पुजारी मानते हैं कि केदार घाटी की संस्कृति ही पांडवमय है। यहां गांव–गांव में पांडवों से जुड़ी लोक कथाएं सुनने को मिलती हैं। महीने भर तक चलने वाले इस देव आयोजन से ग्रामीण सहभागिता एवं एकजुटता का भी परिचय मिलता है।