लेटाल गांव की गर्भवती महिला की जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में मृतक महिला का पति, दो बच्चे और उसकी मां सहित थराली मोटर पुल पर धरने पर बैठ गए। मृतक महिला के पति का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें जांच के लिए अस्पताल बुलाया गया था। लेकिन जांच टीम समय पर नहीं पहुंच पाई है। कहा कि तीन सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई है। उपजिलाधिकारी और पुलिस के सहयोग से सभी को उठाकर तहसील परिसर में ले जाया गया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक मोटर मार्ग बाधित रहा। बाद में जांच टीम के पहुंचने पर परिवारजनों के बयान दर्ज किए गए। मंगलवार को लेटाल गांव के नरेंद्र कुमार अपने दो बच्चों नितिन कुमार (14), नेहा (10) के साथ ही अपनी मां मानी देवी के साथ थराली मोटर पुल पर धरने पर बैठ गए। नरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को उन्हें इस मामले पर बयान दर्ज करवाने के लिए एक कॉल आया था। और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में बुलाया गया था। लेकिन मंगलवार को सुबह जब वे परिवार सहित अस्पताल पहुंचे। तो जांच टीम वहां नहीं पहुंची थी। उनके द्वारा जांच टीम को दोबारा फोन किया गया। तो जांच टीम द्वारा आने की स्थिति स्पष्ट करने की बजाय उन्हें लगातार गुमराह किया गया जाता रहा। उपजिलाधिकारी यशवीर रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच टीम करीब दो बजे अस्पताल पहुंची। जिसके बाद सभी परिवार जनों के बयान लिए गए। विगत 29 जून को लेटाल गांव की गर्भवती सरिता देवी पत्नी नरेंद्र कुमार (36) को प्रसव पीड़ा के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली लाया गया। घंटों प्रसूता को अस्पताल में रोकने के बाद उसकी स्थिति बिगड़ने के बाद उसे कर्णप्रयाग हायर सेंटर रेफर किया गया। लेकिन कर्णप्रयाग पहुंचने से पहले ही जच्चा-बच्चा दोनों की ही एम्बुलेंस में दर्दनाक मौत हो गई थी।