बागेश्वर जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश शुरू हो गया है, लेकिन स्कूल अब भी खुले हैं। इन दिनों स्कूलों में पठन-पाठन नहीं मनोरंजन और व्यावहारिक ज्ञान की कक्षाएं चल रही हैं। सात दिनों तक चलने वाले शिविर में सात अलग-अलग थीम के तहत विद्यार्थियों को नई बातें सीखने को मिल रही हैं। जिले के सभी विद्यालयों को समर कैंप कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनकी दैनिक मॉनिटरिंग के लिए बीआरसी स्तर पर एक-एक बीआरपी को समन्वयक बनाया गया है। विद्यालय प्रतिदिन अपनी गतिविधियों के फोटो और वीडियो बीआरसी को भेज रहे हैं, जहां से इन्हें डायट के माध्यम से प्रतिदिन राज्य स्तर पर एससीईआरटी को प्रेषित किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रीष्मावकाश के दौरान कैंप में प्रतिभाग कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमानुसार प्रतिकर अवकाश भी दिया जा रहा है। समर कैंप को बच्चों के लिए रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए सात दिनों की विशेष थीम तय की गई है, जिसके तहत छात्र खेल-खेल में भाषा का ज्ञान ले रहे हैं।