बागेश्वर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं होने पर भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का विपक्ष ने पलटवार शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू करने की मांग की है। पार्टी ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को धन का दुरुपयोग बताया। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से विपक्ष पर किए जा रहे दोषारोपण पर भी सवाल उठाए। पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट ने कहा कि विशेष सत्र में सरकार का एजेंडा था कि कांग्रेस महिला आरक्षण को लागू नहीं करने दे रही है। भाजपा महिला मोर्चा भी सड़कों पर उतरकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर दोषारोपण कर रही है, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। सितंबर 2023 में सभी दलों ने एकमात्र होकर महिला आरक्षण बिल को सहमति दी थी। केंद्र सरकार ने इसे अब तक लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकसभा की 543 और प्रदेश विधानसभा की 70 सीटों पर ही 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग करती है। सरकार की ओर से किए जा रहे परिसीमन में प्रदेश में पहाड़ की सीटों कम होने और मैदानी क्षेत्र की बढ़ने का अनुमान था। कांग्रेस ने जनसंख्या के आधार पर परिसीमन का विरोध किया था, महिला आरक्षण का विरोध कभी नहीं किया। उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा से विपक्ष का विरोध करने से पहले आंदोलन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुध लेने को कहा। प्रदेश में अंकिता भंडारी हत्याकांड समेत अब तक हुए महिला अपराधों का विरोध करने की सलाह भी दी। इस मौके पर पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक आदि मौजदू रहे।