बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन निर्माण संघर्ष समिति ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने आंदोलन के 21 साल पूरा होने के बाद भी रेल लाइन का काम शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई। सामरिक महत्व की इस लाइन के निर्माण में उदासीनता बरतने के लिए जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा। समिति ने रेल लाइन का काम शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यक्ष दफौटी ने कहा कि वर्ष 2004 से चल रहा आंदोलन, जिले का सबसे लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष है। इस दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं ने चुनाव के दौरान रेल के मुद्दे को जोरशोर से उठाया। जनता ने भी विश्वास के साथ उन्हें चुनकर विधानसभा, लोकसभा भेजा, लेकिन वहां जाते ही वह उदासीन हो गए। नेता जीतने के बाद इस मुद्दे को भूल जाते हैं। कहा कि समिति लगातार रेल लाइन की मांग को बुलंद कर रही और इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने तक संघर्ष करती रहेगी। इस मौके पर केशवानंद जोशी, वंशीधर जोशी, चरण सिंह बघरी, प्रतान सिंह दानू, पार्वती पांडेय, सरस्वती गैलाकोटी, हेमा जोशी, इंदिरा जोशी, हरीश सोनी, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।