अल्मोड़ा जिला विकास प्राधिकरण को निरस्त करने की मांग को लेकर करीब आठ साल से चल रहे धरने को लेकर राजनीति गरमा गई है। धरना और विरोध प्रदर्शन को जिला प्रशासन की ओर से निराधार बताए जाने से आंदोलनरत सर्वदलीय संघर्ष समिति ने आपत्ति जताई है । समिति के पदाधिकारियों का कहना कि अधिकारियों को इस मामले में नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि यह मामला सरकार के स्तर का है। अधिकारियों ने आठ साल में एक बार भी जनसुनवाई करके यह जानने की कोशिश नहीं की कि लोगों को क्या दिक्कतें हैं। धरना-प्रदर्शन को निराधार बताना औचित्यहीन है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद जोशी के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने गांधी पार्क में भी मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। प्रकाश चंद जोशी ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण के सचिव और अपर जिलाधिकारी चंद्र सिंह मर्तोलिया ने संघर्ष समिति के धरने को निराधार और असांविधानिक बताकर अपने अधिकारों का अतिक्रमण किया है। आठ साल बाद प्रशासन को इसलिए प्राधिकरण की याद आई क्योंकि अल्मोड़ा के विधायक मनाेज तिवारी ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया है। उन्होंने विधायक का आभार जताते हुए कहा कि जब तक प्राधिकरण को पूरी तरह निरस्त नहीं कर दिया जाता, उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार बनते ही सबसे पहले इस प्राधिकरण को निरस्त कराया जाएगा। इस दौरान ललित मोहन पंत, प्रत्यूष कुमार पांडे, भारत पांडे, गोविंद भंडारी, रॉबिन भंडारी, गोविंद प्रसाद, सुनैना मेहरा मौजूद रहे ।