देवताओं की दीपावली मनाने के लिए शिव की नगरी सजकर तैयार है। गंगा के अर्धचंद्राकार घाट दीपों का चंद्रहार पहनेंगे तो मंदिरों से लेकर घरों की चौखट भी दीपों की रोशनी से जगमग होगी। देव दीपावली पर गंगा-वरुणा, गंगा-असि और गंगा-गाेमती के संगम पर भी दीपदान होगा। इसी दौरान एक घाट पर दीपों से लिखा गया था कि बंटोगे तो कटोगे।