बीएचयू के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन के कार्यकाल का अंतिम साल चल रहा है। नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया भी जारी है। प्रो. जैन ने अमर उजाला संवाददाता हिमांशु अस्थाना से विशेष बात की। उन्होंने कई गंभीर आरोपों के जवाब भी दिए। साथ ही अस्पताल की बदहाली पर निराशा जताई। रिसर्च के लिए लाई गईं करोड़ों रुपये कीमत की मशीनों के इस्तेमाल न होने की बात भी स्वीकार की है। पेश है बातचीत के अंश- प्रश्न- आईआईटी से निकलकर यूनिवर्सिटी सिस्टम में आकर आप खुद को कितना परसेंट सफल मान रहे हैं, क्या कमियां रह गईं जिसको सुधारना बाकी है ? उत्तर- विश्वविद्यालय की व्यवस्था मेरे लिए बिल्कुल नई थी और इसे लेकर आश्वस्त भी नहीं था। लेकिन, तीन साल बाद उम्मीद से ज्यादा काम किया। अभी भी काफी कुछ करना बाकी है। प्रश्न- कुलपति पद संभालने के बाद आपने पहले पत्रकार वार्ता में कहा था कि फंड लाएंगे, उसके कई तरीके हैं। कितना फंड जुटा ? उत्तर- तीन साल में आय 50-60 प्रतिशत बढ़ी है। 2020 में 1414 करोड़ के मुकाबले 2024 में 2293 करोड़ की आय हुई। तीन तरह से पैसे जुटे। सरकारी ग्रांट, रेंट, ट्यूशन फीस और डोनेशन की रकम बढ़ी है।