महाशिवरात्रि से दो दिन पहले सोमवार की शाम नागा साधुओं-संन्यासियों ने बाबा विश्वनाथ की हल्दी की रस्म निभाई। खास बनारसी ठंडई, पान और पंचमेवा का भोग लगाकर उन्हें राजसी स्वरूप में सजाया गया। इसके बाद पूरी रात टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास शिव भक्तों से भरा रहा। टेढ़ीनीम स्थित चौथे फ्लोर पर 15X8 साइज के कमरे में डमरू दल की गर्जना संग महात्मा, साधु, नागा, महिलाओं और श्रद्धालुओं ने एक साथ मंगल गीत गाकर बाबा विश्वनाथ को हल्दी लगाई।