आर्य महिला पीजी कॉलेज में आज वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई से संबंधी राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ। इतिहास विभाग एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में ‘‘पीपुल्स क्वीन रानी लक्ष्मीबाई: द फेस एण्ड वॉइस ऑफ इंडियन रेसिस्टेन्स’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुआ। जिसमे वीरांगना के जीवनी पर प्रकाश डाला गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई देश के उन प्रारंभिक लोगों में से एक थी जिन्होंने स्वराज का न केवल अलख जलाया बल्कि उसमें अपने प्राणों की आहूति भी दी और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में हमेशा के लिए रोशन हो गईं।