माघ मेला प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पहले गंगा स्नान से रोका गया, जो सनातन परंपराओं पर सीधा आघात है। शंकराचार्य द्वारा इस अन्यायपूर्ण निर्णय के विरोध में धरने पर बैठने के बाद, वर्तमान सरकार ने और अधिक दमनात्मक रवैया अपनाते हुए उन्हें माघ मेला से प्रतिबंधित करने तथा उनके शिविर को मिलने वाली आवश्यक सुविधाओं पर रोक लगाने संबंधी नोटिस जारी कर दिया। यह घटनाक्रम न केवल धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है, बल्कि सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु के सम्मान पर भी कुठाराघात है। उक्त बातें बाबा साहब अंम्बेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव ने कही।