काशी की पावन धरती पर आस्था और परंपरा की गूंज हर युग में सुनाई देती रही है। इसी धरोहर को जीवित रखे हुए है सारनाथ क्षेत्र का तिलमापुर गांव, जहां बीते 150 साल से रामलीला का मंचन हो रहा है। इस लीला की खासियत यह है कि इसमें केवल तीन गांवों के लोग ही पात्र बनते हैं और इसका मंचन गांव के प्रसिद्ध मां वैष्णोदेवी मंदिर प्रांगण में होता है।