आजमगढ़ शहर के एक निजी अस्पताल की लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। चिकित्सक द्वारा एक मरीज को गलत ब्लड चढ़ाने से मरीज की सोमवार को वाराणसी में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मृतका के परिजन एंबुलेंस से शव लेकर सीधे सिधारी थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में सिधारी स्थित एक अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आवश्यक कार्रवाई करने की बात कर रही है। शहर कोतवाली क्षेत्र के हीरापट्टी मोहल्ला निवासी नवीन मिश्रा ने सिधारी थाने में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी तृप्ति मिश्रा की तबीयत नौ दिसंबर को खराब हो गई। उसे लेकर वह सिधारी स्थित एक अस्पताल में लेकर गए, जहां चिकित्सक ने अस्पताल में भर्ती कर लिया। चिकित्सक ने बताया कि खून की कमी है। उन्होंने खून की मांग की और उन्हें एबी प्लस (AB+) ब्लड लाने के लिए कहा। पीड़ित ने ब्लड बैंक से ब्लड लाकर दिया। उन्होंने पहले दो यूनिट ब्लड चढ़ाया और कहा कि अब ठीक है घर लेकर जाइये। एक दो दिन में रिपोर्ट बताते रहिएगा। जबकि उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी। इसके बाद वह पत्नी को लेकर वाराणसी के एक निजी अस्पताल में पहुंचा। अस्पताल में ब्लड जांच में बताया कि इनको ए प्लस (A+) ब्लड ग्रुप का ब्लड चढ़ेगा। तब पीड़ित ने उनको बताया कि इनका ग्रुप एबी प्लस (AB+) है और आजमगढ़ में इन्हें ब्लड चढ़ा भी है। चिकित्सक ने इतनी बात सुनकर उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद पीड़ित वाराणसी के एक बड़े अस्पताल में इलाज के लिए अपनी पत्नी को ले गया। वहां पर भी चिकित्सक ने जांच कर्रा तो उनकी पत्नी का ब्लड ग्रुप ए प्लस (A+) बताया गया। इसके बाद उन्हें ए प्लस ब्लड भी चढ़ाया गया और इलाज शुरु कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि उनकी पत्नी का उपचार वहां चल रहा था कि सोमवार की सुबह उसकी मृत्यु हो गई। पीड़ित को इसकी जानकारी हुई कि गलत ब्लड चढ़ाने की वजह से उनकी पत्नी की मृत्यु हुई। पीड़ित ने पत्नी का पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।