वाराणसी के गंगा घाटों पर बढ़ते हादसों को देखते हुए नमामि गंगे ने बुधवार को मानमंदिर, राजेंद्र प्रसाद, दशाश्वमेध, प्रयाग एवं अहिल्याबाई घाट तक ध्वनि विचारक यंत्र से नागरिकों को 'गहरे जल में जाकर स्नान न करने' की चेतावनी दी। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में लाउडस्पीकर के माध्यम से घाटों पर सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग और जेटी के भीतर ही स्नान करने व श्रद्धालुओं को गहरे और तेज बहाव वाले जल में जाने से बचने की हिदायत दी गई । घाटों पर आजीविका ग्रहण कर रहे पूजन सामग्री विक्रेताओं और नाविक समाज से भी निवेदन किया गया कि वे लोगों को गहरे जल में जाने से रोकें । स्वच्छता के साथ सुरक्षा का संदेश देकर नाविकों और पर्यटकों को जागरूक किया गया कि वे नाव में क्षमता से अधिक लोग न बैठाएं और हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट सुनिश्चित करें। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि स्नान करते समय निर्धारित सुरक्षा घेरे (बैरिकेडिंग) से आगे न जाएं। गहरे जल में उतरने से पूरी तरह बचें। आपातकालीन स्थिति में स्थानीय जल पुलिस या नाविकों की मदद लें। इस दौरान घाटों पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने गहरे जल में न जाने का संकल्प लिया और स्वच्छता व सुरक्षा के प्रति अपनी सहमति जताई ।