गीता जयंती पर सोमवार को इस्कॉन मंदिर में गीता जयंती समारोह मनाया गया। इसमें गीता के श्लोकों का पाठ, प्रवचन और भक्ति संगीत कार्यक्रम हुए। गीता ज्ञान को जन-जन तक फैलाने और भक्तों को आध्यात्मिक संदेश देने के उद्देश्य से इस्कॉन परिवार की ओर से हर साल गीता जयंती मनाई जाती है। मंदिर प्रबंधन के अध्यक्ष अच्युत मोहन दास और पदाधिकारियों ने कहा कि आज युवाओं और समाज के सभी वर्गों तक गीता के संदेश को पहुंचाना जरूरी है। जीवन की सभी चुनौतियों का सामना करने और बिना किसी आसक्ति के अपने कर्तव्यों का पालन करने का शाश्वत ज्ञान गीता प्रदान करती है। लगभग पांच हजार साल पहले इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र युद्ध में अर्जुन को यह महान ज्ञान दिया था। इस अवसर पर महायज्ञ में गीता के श्लोकों से आहुति दी गई। लोगों को ज्यादा से ज्यादा गीता दान करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में साक्षी मुरारी प्रभु, रसिक गोविंद प्रभु, रामकेशव प्रभु, मुरारी गुप्त दास उपस्थित रहे।