पवित्र माह सावन में वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में महापौर अशोक तिवारी ने लोगों की आस्था को देखते हुए जिले में मीट-मांस की दुकानों पर रोक लगाने का आदेश दिया था। दूसरी तरफ, सावन के पहले सोमवार को ही कागजी दावे की सच्चाई धरातल पर दिखने लगी है। नगर निगम ने सावन में मीट-मांस, मछली और मुर्गे की दुकानों को पूरे सावन में बंद रखने का प्रस्ताव पास किया था। सख्ती से इसके पालन कराने का पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी को आदेश भी दिया गया था। कहा गया था कि बेचने वाले पर एफआईआर तक किया जाएगा। नगर निगम सीमा के बीच शहर से लेकर अन्य क्षेत्रों में खुलेआम मीट-मांस की बिक्री चल रही है। हैरानी की बात है कि खरीदार से लेकर मीट-मांस विक्रेता तक खुद को इस आदेश से अनभिज्ञ बता रहें हैं। वहीं, इस बाबत, नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम की तरफ से यह निर्णय लिया गया है कि सीमा क्षेत्र में मीट-मांस की दुकानों को बंद रखवाया जाएगा। 50 से अधिक लोगों को नोटिस भी दी गई है। इतने ही लोगों को चालान भी किया गया है। टीम पूरे दिन चक्रमण कर रही है ओर कार्रवाई लगातार की जा रही है।