दालमंडी में चौड़ीकरण के साथ ही कई दुकानदारों को रोजगार की चिंता सताने लगी है। इसे लेकर कई व्यापारियों ने रविवार को चिंता जताते हुए चौड़ीकरण का विरोध किया। व्यापारियों के अधिवक्ता आमिर हाफिज ने कहा कि प्रशासन के ओर से एकपक्षीय कार्यवाही हुई है। अधिवक्ता का कहना है कि जब 31 मार्च को दालमंडी चौड़ीकरण के लिए शासन का आदेश आया, किसी अधिकारी ने व्यापारियों या स्थानीय लोगों से बातचीत नहीं की। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर निर्माण के समय आम जनता से राय विमर्श करने के बाद मकानों का अधिग्रहण शुरू किया गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। दालमंडी चौड़ीकरण के आदेश आने से लेकर बुलडोजर कार्यवाही तक किसी अधिकारी ने जनता से बातचीत नहीं किया।