नवरात्रि के तीसरे दिन मां कुष्मांडा देवी के दर्शन पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे और लाइन में खड़े होकर माता का दर्शन कर मंगल कामना की। काशी में चैत्र नवरात्र (वासंतिक नवरात्र) के मौके पर नवदुर्गा के नौ अलग- अलग स्वरूपों की पूजा का विधान है। नौ गौरी के रूप में नवरात्र के तीसरे दिन सौभाग्य गौरी के पूजन की मान्यता है। तृतीय सौभाग्य गौरी का मंदिर बांसफाटक स्थित सत्यनारायण मंदिर परिसर के अंदर आदि विश्वेश्वर मंदिर प्रांगण में है। ऐसे में मंगलवार की सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की कतार लग गई। चित्रघंटा मंदिर में भी लगा भक्तों का कतार दूसरी ओर चौक थाने अंतर्गत चित्रघंटा गली में मां चित्रघंटा देवी के दर्शन पूजन के लिए भी भक्त कतार में लगे हुए है ।मुख्य पुजारी ने बताया कि मां की 10 भुजाएं हैं। उनके मस्तक पर घंटा विराजमान है। इसलिए देवी का नाम चित्रघंटा पड़ा काशी में किसी की मृत्यु होती है। तो जब तक मां घंटा नहीं बजाती तब तक यमराज उसकी आत्मा को लेने काशी में नहीं आते।