शहर उत्तरी विधानसभा से विधायक और स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि एसआईआर से पहले हमारे यहां 4.45 लाख मतदाता थे। एसआईआर के दौरान हमारे यहां 1.10 लाख वोट कट गए। छह जनवरी को फाइनल लिस्ट आने के बाद घर-घर भेजकर जांच कराई गई। इसमें 9,200 मतदाताओं के नाम डुप्लीकेट मिले। कई बूथों पर ऐसे नाम मिले हैं जो सूची में दो या तीन बार नहीं, बल्कि पांच-पांच बार दर्ज थे। इनमें अधिकतर एक ही विशेष वर्ग से थे। राज्यमंत्री ने कहा कि यह विपक्ष की चाल है और एक तरह से यह वोट जेहाद है।