त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निश्चित अवधि पर होने के आसार कम दिख रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो पंचायतों की कमान प्रशासकों के हाथ में आ जाएगी। इसके पीछे वजह यह है कि पंचायत प्रतिनिधियों ने अलग-अलग तिथियों में शपथ/कार्यभार ग्रहण किया था। उसी अनुसार उनका कार्यकाल पूरा होगा। बरेली जिले में जिला पंचायत सदस्य व अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रमुखों ने सबसे विलंब से कार्यभार ग्रहण किया था। फिलहाल, निदेशक पंचायती राज ने पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल का विवरण डीएम से मांगा है।