सपा का रुतबा राष्ट्रीय स्तर पर घटा है। विधानसभा में सदस्यों की संख्या बढ़ी है लेकिन राज्यसभा से लेकर विधान परिषद तक उसकी धाक कम हुई है। ऐसे में राज्यसभा की कमेटी से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है तो विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद भी खोना पड़ सकता है।