सुल्तानपुर में अखंडनगर पुलिस और एसओजी टीम ने मोबाइल टावरों से कीमती कम्युनिकेशन डिवाइस और अन्य उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकदी, अवैध असलहे और वारदात में इस्तेमाल वैगनआर कार बरामद हुई है। इस सफलता के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई है। पुलिस पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया है। यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। मेरठ का यह गैंग पहले लखनऊ आकर रुकता था। सुबह के समय ये अपनी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर अलग-अलग जिलों में मोबाइल टावरों की रेकी करते थे। वे ऐसे टावर चुनते थे जहां कैमरे न लगे हों या सुरक्षा कम हो। रात के अंधेरे में ये टावर से कीमती 'अंजना डिवाइस' (लगभग 7-8 किलोग्राम वजनी) और टावर के अन्य पैनल चोरी कर लेते थे। वारदात के बाद वे गाड़ी को हाईवे किनारे खड़ी करके सो जाते थे ताकि किसी को शक न हो। चोरी किए गए माल को ये कार्टूनों में पैक करते थे और उस पर 'लगेज' व 'फ्रजाइल' लिखवाकर कूरियर या अन्य माध्यमों से दिल्ली भिजवा देते थे। दिल्ली में इनके साथी सरफराज और अनस इस माल को रिसीव करते थे। वे प्रति डिवाइस 20,000 से 40,000 के हिसाब से इसे बेच देते थे। मुखबिर की सटीक सूचना पर अखंडनगर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। कुंदा भैरोपुर सर्विस लेन के पास घेराबंदी करके इन पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में गाजियाबाद के लोनी निवासी सरफराज मलिक (19 वर्ष), मुजफ्फरनगर के ककरौली निवासी अंकित कुमार (29 वर्ष), मेरठ के हस्तिनापुर के सैफपुर करमचन्दपुर निवासी सुहेल मलिक (25 वर्ष), आमिर मलिक (25 वर्ष) और मो० अयूब (22 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 1,99,800 नकद, सरफराज के पास से एक 315 बोर का अवैध तमंचा व कारतूस, अंकित कुमार के पास से एक 312 बोर का तमंचा व कारतूस, और वारदात में प्रयुक्त दिल्ली नंबर की कार बरामद की है।