विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष एवं शिक्षक एमएलसी लालबिहारी यादव ने बृहस्पतिवार को वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक आज भी कम वेतन पर पूरे दिन शिक्षण कार्य करने के लिए मजबूर हैं। ये शिक्षक न केवल विद्यालयों में पढ़ाई कराते हैं, बल्कि छात्रों और विद्यालय को सजाने-संवारने का भी काम करते हैं। यादव ने दुद्धी ब्लॉक के 18 विद्यालयों का दौरा किया और शिक्षकों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कमरा और लाइट की समुचित व्यवस्था की जा रही है, ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके। उन्होंने बताया कि सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग लगातार की जा रही है और वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने की बात उठाई जा रही है। इन्होने सरकार पर आरोप लगाया कि वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय प्रदान नहीं किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष सदन में जारी रहेगा। डीएमएफ से विद्यालयों की सुविधाएं दूर की जा रही हैं। एडेड विद्यालयों के शिक्षकों को भी मानदेय देने का काम करना चाहिए। अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने दुद्धी, महुली, विंढमगंज, म्योरपुर, बभनी और बीजपुर के विद्यालयों में शिक्षकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने सभी प्रिंसिपल और शिक्षकों से अपनी मांग पत्र देने का अनुरोध किया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय यादव भी मौजूद रहे।