उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी की त्रैमासिक बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें प्रदेश के 39 जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। संघ की 22 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रांतीय पदाधिकारियों ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। इस दौरान जिला इकाई के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण भी कराया गया। प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी ने कहा कि कलेक्ट्रेट को विशेष प्रतिष्ठा देकर ग्रेड वेतन उच्चीकृत करने, उत्तर प्रदेश जिला कार्यालय लिपिक वर्ग सेवा नियमावली को पूर्ववत लागू करने, नवसृजित तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारियों के पद सृजित करने, लेखा कार्य कर रहे पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतनमान देने जैसी मांगों पर राजस्व परिषद की संस्तुति शासन को भेजी जा चुकी है, फिर भी सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। जिन मांगों पर विभागाध्यक्ष की संस्तुति प्राप्त हो चुकी है, अगर उस पर एक माह के भीतर शासनादेश जारी नहीं हुआ तो संघ वृहद आंदोलन के लिए मजबूर होगा। महामंत्री अजीत उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में लगभग 50 प्रतिशत पद रिक्त हैं, जिससे कर्मचारी अत्यधिक दबाव में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद अपने जारी शासनादेशों का पालन नहीं कर रही है। चेतावनी दी कि अगर जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रांतीय संघ एकजुट होकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। बैठक के अंत में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार शुक्ला, जिला मंत्री अनंतराम व भगवान सिंह सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारियों की संगठनात्मक व्यवस्था की सराहना की गई।