मानदेय न मिलने से खफा स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया और जमकर नारे लगाए। मानदेय मांगने पर नौकरी से निकालने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया। नाराजगी जताते हुए लगभग डेढ़ सौ कर्मियों ने पांच घंटे तक अपना कामकाज ठप रखा। इसके चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। राहत की बात यह थी कि इमरजेंसी, दवा काउंटर और ओपीडी सेवाएं चालू रखी गईं। नाराजगी जता रहे कर्मियों ने प्राचार्य डाॅ. सुरेश सिंह को ज्ञापन सौंप हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने अपने स्तर से पहल कर जल्द भुगतान कराने का भरोसा दिया तब जाकर कर्मी काम पर लौटने के लिए तैयार हुए। हर माह नियमित तरीके से मानदेय दिए जाने की मांग कर रहीं स्टाफ नर्स, हेल्पर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का कहना था कि उन्हें तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। कई बार संबंधितों से संपर्क और मानदेय दिए जाने पर हर बार होती देरी को लेकर जताए जाते एतराज के बाद भी मानदेय की बजाय धमकियां मिल रही हैं। कर्मियों का कहना था कि समय पर मेहनताने का भुगतान न मिलने से गृहस्थी का बजट गड़बड़ा रहा है। परिवार की जरूरत पूरी करने में काफी दिक्कत हो रही है। उधार देने वाले भी रोजमर्रा के जरूरत की चीजें देने से मना करने लगे हैं। कर्मियों का कहना था कि वह पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। बावजूद हर बार दो से तीन माह तक भुगतान क्यों लटकाया जा रहा है, यह बात उनकी समझ में नहीं आ रही। भुगतान प्रक्रिया से जुड़े एक कर्मी के भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। नाराजगी जता रहे कर्मियों ने सुबह आठ बजे से लगभग दोपहर एक बजे तक अपना कामकाज ठप रखा। एनएचएम संविदा कर्मी अध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल प्राचार्य डाॅ. सुरेश सिंह से मिला और उनको पत्रक सौंप कर मानदेय का भुगतान कराए जाने की मांग की। भुगतान न मिलने पर अनिश्चित काल के लिए कामकाज ठप करने का अल्टीमेटम भी दिया। प्राचार्य ने मामले में प्रभावी पहल करने और जल्द बकाए मानदेय का भुगतान करने का भरोसा दिया। इसके बाद सभी कर्मी वापस काम पर लौट गए।