विभिन्न योजनाओं की लंबित प्रोत्साहन राशि और अन्य मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम और सीएमओ को सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें समय से प्रोत्साहन राशि और मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ज्ञापन में आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी, टीबी, कुष्ठ रोग, दस्तक और संचारी रोग अभियान सहित कई योजनाओं के भुगतान लंबित होने पर नाराजगी जताई गई। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि छह फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता में 13 सूत्री मांगों पर सहमति बनी थी। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर आगे वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन नौ फरवरी के बाद अब तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई। इससे प्रदेश भर की आशा कार्यकर्ताओं में असंतोष व्याप्त है। आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य वित्त से मिलने वाली 1500 रुपये की राशि को बढ़ाकर 6000 रुपये करने, मातृत्व अवकाश, साप्ताहिक एवं राष्ट्रीय अवकाश, स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा राशि में वृद्धि सहित अन्य मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बबिता, जानकी देवी, चारु, कमलावती, अनिशा, निरुपमा, बिंदु, शकुंतला, बुधनी, सुमन, चंदा, नेहा, रिजवाना, कुसुम, रेखा पटेल, सरोज आदि शामिल रहीं।