सीतापुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें एक पीड़ित ने बताया कि साहब... एसबीआई के फील्ड अफसर ने आठ हजार रुपये ऐंठ लिए हैं। पैसा वापस मांगने पर कहते हैं कि पैसे भूल जाओ नहीं तो कुर्की कर देंगे। यह पीड़ा महोली तहसील के महाराजनगर निवासी पारस की थी। उन्होंने बताया कि बैंक के अधिकारी एकमुश्त रकम ढाई लाख रुपये जमा करने की बात कहने के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इसलिए राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए आए हैं। कुछ इसी तरह से सांडा निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि एसबीआई बैंक के अधिकारी सही जवाब नहीं दे रहे हैं। कोई छूट न देने की बात कहते हुए पूरे पैसे जमा करने की बात कह रहे हैं। नहीं जमा करने पर पेनाल्टी की धमकी भी दे रहे हैं। बताया कि बैंक कर्मचारी उनके पिता को भी अपशब्द कह चुके हैं। वहीं, सिधौली तहसील क्षेत्र के नरहा निवासी विश्राम ने बताया कि उनके वाद का निस्तारण नहीं हुआ है। सोनाटा माइक्रोफाइनेंस बैंक से 32 हजार रुपये लोन लिया था। इसमें 15 हजार रुपये जमा कर चुके हैं। इसके बाद भी 28 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। बताया कि रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। शनिवार को एडीआर भवन में कुछ इसी तरह कई वादकारी अपनी समस्या लेकर पहुंचे। बताया कि इनके निस्तारण के लिए वह कई महीनों से बैंक की दौड़ लगा रहे हैं। इस मौके पर न्यायालय परिसर में ही लगे बैंक के स्टॉलों पर वाद निपटाने के लिए लोगों की भीड़ रही। जनपद न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना ने न्यायालय परिसर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सीतापुर की ओर से आयोजित निशुल्क चिकित्सीय परामर्श कैंप का शुभारंभ किया। इस दौरान अपना चेकअप भी कराया। उनके साथ अपर जिला जज भगीरथ वर्मा व एडीजे नरेंद्र नाथ त्रिपाठी भी शामिल रहे। संगठन के जिलाध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर में मैक्स अस्पताल के अनुभवी चिकित्सकों ने निशुल्क जांच करने के साथ परामर्श दिया। इसमें न्यायिक अधिकारियों, वादकारियों के साथ व्यापार संगठन से महामंत्री गोपाल दारुका, कोषाध्यक्ष मनीष मिश्रा, नगर अध्यक्ष अभिनव बंसल, नगर युवा अध्यक्ष सनी साहू,मनोज चौक इकाई अध्यक्ष रामबाबू, मीडिया प्रभारी अंकित अग्रवाल, अंकित साहू, परवेज व अन्य व्यापारियों ने चेकअप कराया। जिला जज ने बैंक स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी भागीरथ वर्मा ने बताया कि अगर कोई बैंक का कर्मचारी या अन्य अधिकारी अपशब्द का प्रयोग करता हैं तो वह अपराध है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। बैंक के जिम्मेदार इस तरह का रवैया अपनाते हैं तो निश्चित तौर पर उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। वहीं एडीजे नरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि बैंकों के स्टॉलों पर भीड़ अच्छी दिखाई दी है। इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत की जागरूकता के लिए कई अभियान पीएलवी के माध्यम से जिले की तहसीलों में कराया गया था। वहीं प्रचार वाहन भी जिले में दौड़ा था। जिसकी वजह से इतनी संख्या में वादकारियों की भीड़ दिखाई दी है।