यूपी के श्रावस्ती में रुपये लेकर वरासत से नाम काटने के आरोप पर जमुनहा तहसील के बरदेहरा भारी गांव के लेखपाल गोपाल को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम जमुनहा डॉ. आरपी सिंह ने इनके खिलाफ सोनवा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व बीएनएस की धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज करवाई है। जमुनहा तहसील के बरदेहरा भारी गांव निवासी सुभावती मौर्य ने बीते दिनों डीएम अन्नपूर्णा गर्ग को शिकायती पत्र देकर हल्का लेखपाल गोपाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। सुभावती का आरोप था कि हल्का लेखपाल ने विपक्षियों को लाभ पहुंचाने के लिए गाटा 715 पर दर्ज जमीन के वरासत से उनका नाम हटा दिया है। विपक्षियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए उन्होंने 30 हजार रुपये की मोटी रकम ली है। सुभावती की शिकायत पर डीएम ने जांच टीम गठित की और रुपये लेेने की जांच करवाई। एसडीएम जमुनहा डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि जांच में लेखपाल द्वारा 30 हजार लेने की बात पुष्ट हुई। साथ ही लेखपाल ने चेक के माध्यम से 30 हजार रुपये वापस करने का भी प्रयास किया। शिकायत कर्ता ने चेक भी प्रस्तुत किया है। जिसके बाद डीएम के निर्देश पर लेखपाल के खिलाफ सोनवा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। साथ ही लेखपाल जांच को प्रभावित न कर सकें, इसके लिए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि शासन के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का डीएम के निर्देशन में पालन किया जा रहा है।