सावन माह में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। शामली से होकर गुजर रहे शिवभक्त अलग-अलग मनोकामनाओं के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। किसी की कामना देश की खुशहाली की है तो कोई माता-पिता की लंबी उम्र और सलामती के लिए कांवड़ ला रहा है। हरियाणा के हांसी, रोहतक और करनाल से पहुंचे शिवभक्तों ने बताया कि कई दिन पहले उन्होंने हरिद्वार से पैदल कांवड़ यात्रा शुरू की थी। अब वे अपने गांव लौट रहे हैं, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ियों का कहना है कि यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह लगे सेवा शिविरों में भोजन, विश्राम और चिकित्सा की सुविधाएं मिल रही हैं। इससे लंबी यात्रा में उन्हें काफी सहूलियत हो रही है। शामली से गुजरते कांवड़ मार्ग पर चारों तरफ बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। शिवभक्तों का कहना है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से उनकी यात्रा सकुशल पूरी हो रही है। मनोकामना पूरी होने की उम्मीद के साथ वे गंगाजल लेकर लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।