शामली के कैराना में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई। वर्षों से अदालतों के चक्कर काट रहे लोगों के मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराया गया। कहीं टूटते रिश्ते फिर जुड़ गए तो कहीं पुराने बैंक ऋण के मामलों के निस्तारण से लोगों ने राहत की सांस ली। शामली के मोहल्ला बड़ी आल निवासी श्रुति और बुलंदशहर निवासी शुभम सिंघल के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। मामला परिवार न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। समझौते के बाद पति-पत्नी दोबारा साथ रहने को तैयार हो गए। इसी तरह शामली निवासी सोनिया और उनके पति हिमांशु के बीच वर्ष 2024 से चल रहे विवाद का भी लोक अदालत में समाधान हो गया। समझाइश और बातचीत के बाद दोनों ने मनमुटाव भुलाकर फिर से साथ रहने की सहमति दे दी। बैंक ऋण के मामलों में भी कई लोगों को राहत मिली। गांव रंगाना निवासी एक किसान पर बैंक ऑफ बड़ौदा का सात लाख रुपये का ऋण बकाया था। पिछले पांच वर्षों से बैंक वसूली का प्रयास कर रहा था, लेकिन लोक अदालत में किसान ने साढ़े तीन लाख रुपये जमा कर मामला समाप्त करा लिया। वहीं गांव बरनावी निवासी किसान ने दस वर्षों से लंबित 1.35 लाख रुपये के बैंक ऋण में 70 हजार रुपये जमा कर समझौते के तहत निस्तारण कराया। इसके अलावा गांव टिटौली निवासी एक ग्रामीण ने छह वर्षों से लंबित 27 हजार रुपये के बैंक ऋण मामले में पांच हजार रुपये जमा कर राहत पा ली। लोक अदालत में मामलों का समाधान होने के बाद लोगों के चेहरों पर संतोष नजर आया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रपीत सिंह जोश ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से कम समय में आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से लोगों को आर्थिक और मानसिक राहत मिलती है। लोक अदालत में करीब 1.80 लाख वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक यादव और एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।