मार्च महीने में कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के बाद दस हजार और उससे ज्यादा कीमत के स्टांप को नष्ट करने के आदेश पर अमल शुरू कर दिया गया। शाहजहांपुर में बुधवार को 36 करोड़ 21 लाख से अधिक के स्टांप को जला दिया गया। दस से 25 हजार रुपये की कीमत के स्टांप पेपर के चलन पर रोक लगने के बाद उन्हें अलग रख दिया गया था। बुधवार को एडीएम एफआर रजनीश मिश्रा और वरिष्ठ कोषाधिकारी अमरेश पाल की उपस्थिति में कलक्ट्रेट के पीछे चलन से बाहर होने वाले स्टांप को जलाकर नष्ट कर दिया। कोषाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर निष्प्रयोज्य स्टांप का सत्यापन सीडीओ अपराजिता सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने किया था। उसके बाद स्टांप को नष्ट करा दिया गया है। इस बीच पुलिस भी तैनात रही।