रमजान का महीना शुरू हो गया। बृहस्पतिवार को पहला रोजा रखा गया। रमजान पर शाहजहांपुर के शहर काजी सैयद सैफ हसन खां ने बताया कि रमजान मुबारक का पहला अशरा शुरू हो गया। यह रहमत का होता है। दूसरा अशरा मगफिरत और तीसरा अशरा जहन्नुम से आजादी का है। रमजान रहमतों और बरकतों का महीना है। मुसलमान इस महीने का इंतजार पूरे साल इस तरह करते हैं, जैसे कोई अपने खास मेहमान की आमद का करते हैं। इस महीने में अल्लाह तआला अपनी खास रहमतों की बारिश करता है। रमजान में शैतान को कैद कर इंसान के लिए जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। रोजा इस्लाम की एक ऐसी इबादत है, जिसके जरिये अल्लाह तआला की रजामंदी और खुशनूदी हासिल हो सकती है।