शाहजहांपुर से शहर भर से रोजाना करीब 130 टन कूड़ा निकलता है। जिसको ककरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में डंप किया जाता है। इस कूड़े का निस्तारण न हो पाने से इसमें आग लग जाती है या लगा दी जाती है। जिससे उठने वाला धुआं आसपास के मोहल्लों में रहने वाले लोगों को बीमार कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों व बुजुर्गों को सांस से जुड़ी बीमारी हो गई है। जिला प्रशासन व नगर निगम से मांग है कि इस कूड़े को हटवाया जाए या फिर किसी बेहतर तरकीब को अपनाकर निस्तारण करवाया जाए, जिससे राहत मिले। बता दें कि ककरा स्थित डंपिंग ग्राउंड के पास ही नगर निगम की ओर से मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का संचालन किया जा रहा है। इस एमआरएफ सेंटर की क्षमता काफी कम है। यहां पर सिर्फ चार टन कूड़ा का ही निस्तारण हो पाता है, वो भी पिछले एक महीने से बंद चल रहा है। इसका कारण कार्यदायी संस्था की निविदा का समाप्त होना है। ऐसे में पिछले एक महीने में 3900 टन कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में बढ़ चुका है। जिसके ढ़ेर में आग लगाकर कूड़े को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र ने कहा कि सूखे कूड़े के निस्तारण का प्लांट पिछले एक महीने से बंद है, लेकिन गीले कूड़े वाला चल रहा है। निविदा की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जल्द ही बंद प्लांट भी चालू हो जाएगा। खिलौली समेत पांच स्थानों पर एमआरएफ सेंटर का निर्माण लगभग पूरा है। इनको चालू करवा दिया जाएगा। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए निविदा की प्रक्रिया महीने भर में पूरी करा लेंगे। मोहल्ला समितियों के गठन की प्रक्रिया भी चल रही है।