मोहर्रम से पहले शाहजहांपुर के अंटा मोहल्ले में ताजिया निर्माण का काम तेज हो गया है। यह कई परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। सात मोहर्रम से ताजियों की बिक्री शुरू होगी। दस मोहर्रम यानी 26 जून को इन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। सरताज अली का परिवार वर्षों से यह काम कर रहा है। शाहीन बानो के लिए भी ताजिया निर्माण ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। सामग्री की लागत बढ़ने के बावजूद यह काम उनके लिए महत्वपूर्ण है।