शाहजहांपुर में श्रीरामलीला एवं प्रदर्शनी समिति की ओर से ओसीएफ इस्टेट में शनिवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया। भोर तक कवि और शायरी अपनी रचनाओं की फुहारों में श्रोता भीगते रहे। कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का शुभारंभ आगरा से आईं डॉ. रूचि चतुर्वेदी ने मां वाणी की वंदना व शायर इकबाल अशहर ने नातिया कलाम से किया। अध्यक्षता करते हुए देवबंद, सहारनपुर से आए ख्यातिलब्ध वरिष्ठ शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने सुनाया कि-मुहब्बत के चरागों को जो आंधी से डराते हैं। उन्हें बता देना कि हम जुगनू बनाते हैं। मां के पांव दबा कर जब मजदूरी करने जाता हूं, इतने पैसे मिल जाते हैं मुट्ठी कम पड़ जाती है। दिल्ली से आए शायर आदिल रशीद ने सुनाया कि- जहर में डूबे हुए हो तो इधर मत आना, ये वो बस्ती नहीं जहां प्यार किया जाता है, पहले सच्चे का बहिष्कार किया जाता है फिर उसे हार के स्वीकार किया जाता है। लाफ्टर शो के प्रतिभागी हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर प्रयागराज से आए राधे श्याम भारती ने लोगों को खूब गुदगुदाया। उन्होंने सुनाया कि कोई यहां क्रिकेट का खेल बेच रहा है, थाना तो कोई जेल बेच रहा है। पैसे का खेल देखो, सदी का महानायक बाजार में नवरत्न तेल बेच रहा है। कासगंज से आए नदीम फर्रुख, छत्तीसगढ़ रायपुर से आए कवि रमेश विश्वहार, मेरठ के हास्य कवि पापुलर मेरठी, लखीमपुर के आशीष अनल, मध्य प्रदेश इंदौर से आए अमन अक्ष ने काव्यपाठ किया। इससे पहले शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबन्धक राजेश कुमार वर्मा, विशिष्ट अतिथि रितु वर्मा ने मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण व दीप जलाकर किया। महाप्रबंधक ने कवियों व शायरों को अंगवस्त्र भेंट किए।