विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत 45 प्रतिशत संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर मुकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने निजीकरण के लिए तय मानकों के विपरीत प्रदेश भर में लगभग 45 प्रतिशत तक संविदा कर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू कर दी है।