सर्दी के मौसम में घुटनों, पीठ, कंधे और रीढ़ की हड्डी से जुड़े दर्द की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में लोग अब पारंपरिक दर्द निवारक दवाओं के बजाय फिजियोथेरेपी को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। यह उपचार पद्धति न केवल सुरक्षित है, बल्कि लंबे समय तक राहत भी प्रदान करती है। जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपी कक्ष में इन दिनों प्रतिदिन करीब 18 से 20 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।