विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि 12 फरवरी को ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर राष्ट्र व्यापी आंदोलन किया जाएगा। विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 आम उपभोक्ताओं, किसानों और कर्मचारियों के हितों के विपरीत है। यह बिल संसद में पारित किया जाता है तो इसके बहुत घातक परिणाम होंगे और यह सार्वजनिक क्षेत्र के पॉवर सेक्टर को तबाह कर देगा।