विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की। संघर्ष समिति के पदाधिकारी धीरेन्द्र यादव ने कहाकि 25 जनवरी 2000 को तत्कालीन मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्त के साथ हुए लिखित समझौते के तहत बिजली कर्मियों को मिल रही रियायती बिजली की सुविधा पूर्ववत जारी रखने का स्पष्ट प्रावधान किया गया था। इसी समझौते के आधार पर बनी ट्रांसफर स्कीम, 2000 में भी कर्मचारियों को पूर्ववत सुविधाएं जारी रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।