निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मियों ने किसानों के साथ प्रदर्शन किया। इंजीनियर मुकेश गुप्ता ने कहा कि इस भीषण गर्मी में प्रबंधन अनावश्यक तौर पर बड़े पैमाने पर अभियंताओं का उत्पीड़न कर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति फैला रहा है जिससे बिजली कर्मचारियों में भारी गुस्सा व्याप्त है। बुधवार 22 किसान संगठनों ने प्रदेश के समस्त जनपदों में जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर पूर्वांचल विद्युत निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय रद्द करने की मांग की।