सहारनपुर। शाकंभरी पहुंचे जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि आज की राजनीति धर्म और संस्कृति का सही प्रतिनिधित्व नहीं कर पा रही है। वर्तमान राजनीति वास्तव में पाश्चात्य देशों से आई पॉलिटिक्स है, जिसे हिंदी में राजनीति का रूप दे दिया गया है। भारत की राजनीति राजाओं की नीति से जुड़ी थी, जिसमें राज्य और समाज की पूरक व्यवस्था निहित होती थी, लेकिन आज पॉलिटिक्स को ही राजनीति बनाकर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसे सही अर्थों में परिभाषित करना भी कठिन है। शाकंभरी जयंती पर सिद्धपीठ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भारत को विश्व गुरु बनाने में आध्यात्मिक शक्ति की भूमिका पर कहा कि ‘गुरु’ शब्द भारतीय संस्कृति की देन है, जो अन्य किसी देश की परंपरा में नहीं मिलता। आध्यात्मिकता के क्षेत्र में भारत का स्थान सर्वोपरि रहा है, लेकिन आज भारत जगतगुरु बनने के बजाय जगत चेला बनता जा रहा है। हम विदेशों की अंधानुकरण की प्रवृत्ति में फंसते जा रहे हैं, जिससे भारतीयता विलुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आध्यात्म का कोई विकल्प नहीं है, मन की शांति केवल आध्यात्म से ही प्राप्त हो सकती है। भारत की विद्या और संस्कृति का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा, तभी देश आगे बढ़ेगा।