रामपुर में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी-स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) के अधिकारियों के छापे से दवा विक्रेताओं व निजी हॉस्पिटल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया। सात टीमों ने दोपहर 12 बजे से दवा प्रतिष्ठानों पर मौजूद माल और बिक्री की गई दवाओं से संबंधित कागजों और जमा टैक्स का मिलान किया। मेहंदी रत्ता मेडिकल स्टोर से अधिकारियों ने करीब 3.50 लाख रुपये का टैक्स जमा भी करा लिया है। कार्रवाई में शामिल अधिकारियों का कहना है कि संबंधित सभी दवा व्यापारी और हॉस्पिटल संचालक पिछले काफी समय से टैक्स नहीं दे रहे थे।