गल्ला मंडी स्थित क्षतिग्रस्त हुए ओवरब्रिज की मरम्मत के कार्य में अभी देरी लगेगी। वजह पहले विशेषज्ञों की टीम इस दरके ओवरब्रिज की जांच करेगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी कानपुर या फिर रुड़की के विशेषज्ञों से बातचीत करके उनके यहां आने का समय तय कर रहे हैं। हालांकि ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चार किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर लोग गतंव्य स्थान को पहुंचने को मजबूर हैं। बुधवार को उमस भरी गर्मी होने के कारण लोग परेशान दिखे। वहीं वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। जहानाबाद से रायबरेली-लखनऊ हाईवे को जोडऩे वाली सड़क पर जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए वर्ष 2011 में गल्लामंडी रेलवे क्रॉसिंग पर सेतु निगम ने ओवरब्रिज का निर्माण कराया था। मई 2024 में सेतु निगम ने ओवरब्रिज की देखरेख का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया था। मंगलवार सुबह ओवरब्रिज से लोग गुजरे थे। ऐसे में उन्हें ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने की जानकारी हुई थी। इस पर स्वयं डीएम हर्षिता माथुर ने विभागीय अफसरों के साथ मौका मुआयना किया था। ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने पर मंडी समिति जाने वाले किसानों और लोगों को चार किमी. का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता महिपाल सिंह ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि इसी सप्ताह विशेषज्ञों की टीम यहां आकर क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज की जांच कर ले। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू होगा।