भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और अधिवक्ता समाज ने मिलकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) कानून का कड़ा विरोध किया है। भाजपा जिला संयोजक चुनाव प्रबंधन विभाग के राजकुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन में वकीलों ने भी एकजुटता दिखाई। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने भी इस विरोध का समर्थन किया। कानून वापसी की मांग और उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग यूजीसी कानून को तत्काल वापस लेने की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो विरोध प्रदर्शन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान, गौशालाओं की तर्ज पर 'सवर्णशाला' बनाए जाने की मांग भी उठाई गई। राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन विरोध प्रदर्शन के बाद, जिलाधिकारी (डीएम) के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में यूजीसी कानून के विभिन्न पहलुओं पर आपत्ति जताई गई है और इसे जनविरोधी बताते हुए वापस लेने का आग्रह किया गया है। यह विरोध इस बात का संकेत है कि नए कानून को लेकर जनमानस में असंतोष बढ़ रहा है।