गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की रफ्तार बेहद धीमी है। नौ क्रय केंद्रों पर अब तक सात केंद्रों पर महज 4550 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है, जिससे इन केंद्रों पर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नवीन कृषि मंडी परिसर में खाद्य एवं विपणन विभाग के तीन केंद्रों में दो माह में 1000, 600 और 1000 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। इसके अलावा मंडी समिति से जुड़े केंद्र में 710 क्विंटल और खजूर गांव, मलके गांव, इब्राहिमपुर, खीरों और पाहो क्रय केंद्रों में सिर्फ 520 क्विंटल गेहूं ही खरीदा गया है। क्रय केंद्र के प्रभारी बताते हैं कि किसानों को इस बार पंजीकरण के लिए परेशान नहीं होना पड़ रहा है, क्योंकि पहले से पंजीकृत किसानों का डेटा पोर्टल पर नवीनीकृत कर दिया गया है। इसके बावजूद खरीद रफ्तार नहीं पकड़ रही है। किसानों का कहना है कि मंडियों और खुले बाजार में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिल रहे हैं, इसलिए वह सरकारी केंद्रों की बजाय निजी व्यापारियों को गेहूं बेच रहे हैं। क्रय केंद्रों में सन्नाटा होने से का असर उन दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है, जो यहां पल्लेदारी करते हैं। मजदूर रमेश बताते हैं पहले तीन महीने तक लगातार काम मिलता था। मंडी के चारों केंद्रों में करीब 15 श्रमिक काम करते थे, लेकिन अब गेहूं ही नहीं आ रहा तो हम लोगों के पास भी काम नहीं बचा। कामगार सियावती ने बताया कि पहले रोज 500 से 700 रुपये तक की मजदूरी मिल जाती थी, लेकिन अब घर चलाना मुश्किल हो गया है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक 4550 कुंतल गेहूं की खरीद हुई है और किसानों से संपर्क कर उन्हें क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बाजार में गेहूं का रेट महंगा होन से खरीद केंद्रों में सन्नाटा बिचौलियों की ओर से महंगे दाम पर गेहूं खरीदने की वजह से सरकारी मंडियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। 17 मार्च 2025 से गेहूं खरीद की प्रक्रिया चल रही है। शुरुआत में रायबरेली रोड स्थित उपमंडी स्थल में बनाए गए खरीद केंद्र में गेहूं की खरीद की शुरुआत अच्छी हुई थी, लेकिन बिचौलियों ने मनमाने तरीके से गेहूं खरीदना शुरू कर दिया गया है। जानकारों का कहना है कि इसी वजह से क्रय केंद्र में सन्नाटा है। सरकार की ओर से एमएसपी 2445 रुपये प्रति किलो तय की गई है, लेकिन खुले बाजार में 2450 से 2470 तक गेहूं खरीद कर रहे हैं। उप मंडी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने बताया कि अभी तक 28 फीसद खरीद हुई है, जागरूक करने के बावजूद किसान गेहूं मंडी में बेचने में रुचि नहीं ले रहे हैं।