कार्तिक पूर्णिमा पर गोकना गंगा घाट पर लगने वाले मेला जबकि सोमवार से घाट पर दंडवती परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं सहित अन्य मेलार्थी पहुंच रहे हैं। एतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेला को लेकर रायबरेली ही नहीं, प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर और अमेठी तक के लोग पहुंच रहे हैं। डलमऊ के पक्का घाट, कच्चा घाट, रानी शिवाला घाट पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। लोग तंबू तानकर घाटों के किनारे बसेरा बनाया है। पांच नवंबर भोर से ही गंगा स्नान शुरू हो जाएगा, जिसमें डलमऊ के विभिन्न घाटों पर करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसी तरह गोकना घाट में भी तीन लाख श्रद्धालु स्नान करेगे। वहीं गोकना घाट पर कार्तिक पूर्णिमा मेले में जिले सहित प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, कौशाम्बी व फतेहपुर से बढ़ीं संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने आते हैं। स्थानीय प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए नदी में स्नान करने की सीमा तय कर बैरिकेडिंग लगाता है। घाट पर रोशनी के लिए लाइटें लगाई जाती हैं, शौचालय व पेयजल के लिए पानी के टैंकर लगायें जाते हैं। लेकिन इस बार स्थानीय प्रशासन मेले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। यही वजह है कि अभी व्यवस्थाएं नहीं हो पाई हैं। तीर्थ पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि मेले में स्नान के दौरान होने वाली व्यवस्था के नाम पर अभी कुछ नहीं हुआ है। सड़क पर आज डामर डाला जा रहा है। वहीं एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वाहन पार्किंग की व्यवस्था हो गई है। घाट पर बैरिकेडिंग व लाइट लगवाई जा रही है। गोकना घाट पर मेले में झूले, ब्रके डांस लग गये हैं। वहीं जादूगर नजर बंद का खेल दिखाने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं। चाट, चाऊमीन, बर्गर, पानी के बतासे व होटल भी लोगों को स्वाद चखाने के लिए तैयार हैं।