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VIDEO: Raebareli: 14 सीएचसी में नहीं होता सिजेरियन प्रसव, रेफर कर दी जा रहीं गंभीर हालत में आ रही गर्भवती

कहने को सीएचसी हैं, लेकिन सामान्य प्रसव तक सिमटे हैं। जिले की 19 में 14 सीएचसी में सिजेरियन प्रसव नहीं हो रहे हैं। जिले की पांच फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में औपचारिकता के रूप में सिजेरियन प्रसव हो रहे हैं। दो माह में 65 केस किए गए। सीएचसी पर गंभीर हालत में पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को जिला महिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। ऐसे में प्रसूताओं व उनके घर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के आदेश हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं की जांच और इलाज पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी सीएचसी स्तर पर प्रसूताओं को सभी प्रकार की सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिले में 19 सीएचसी काम कर रही हैं। इसमें 14 ऐसी सीएचसी हैं, जहां नार्मल डिलवरी ही हो पा रही है। रोजाना ऐसे मामले में प्रकश में आते हैं कि यहां नार्मल डिलवरी से इंकार करके प्रसूताओं को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। जिले की मात्र पांच सीएचसी में ही सिजेरियन प्रसव कराए जा रहे हैं। लालगंज, ऊंचाहार, बछरावां, डलमऊ और सलोन में मात्र 54 प्रसूताओं का सिजेरियन प्रसव किया गया। दो माह में जिले में प्रसव का हाल एफआयू/सीएचसी सामान्य प्रसव सिजेरियन प्रसव लालगंज 232 - 11 ऊंचाहार 175 - 08 बछरावां 210 - 20 डलमऊ 222 - 01 सलोन 166 - 25 महिला अस्पताल- 403 449 कुल- 1408 514 महिला अस्पताल में नार्मल प्रसव से अधिक सिजेरियन जिला महिला अस्पताल में नार्मल प्रसव की तुलना में सिजेरियन प्रसव अधिक किए गए है। पिछले दो माह में महिला अस्पताल में 403 नार्मल डिलवरी कराई गई, जबकि 449 महिलाओं का सिजेरियन प्रसव हुआ। लगातार यह संख्या बढ़ रही है।

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